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बुधवार, 8 मई 2019

my school /essay on my school/ mere school par nibandh /मेरा स्कूल पर निबंध


मेरा स्कूल पर निबंध

आजकल के विद्यालयों में छात्रों के लेखन कौशल को सुधारने तथा परखने के लिए कई बार शिक्षकों  द्वारा उन्हें ‘मेरा स्कूल’ के विषय पर निबंध लिखने का कार्य दिया जाता है। इसलिए इस विषय के महत्वता को देखते हुए, हमने आपके सहायता के लिए काफी सरल भाषा में इन निबंधों को तैयार किया है। ‘मेरा स्कूल’ विषय पर दिये गये यह निबंध आपके स्कूली कार्यों के साथ ही आपके लिए परीक्षा तथा निबंध लेखन प्रतियोगिता जैसे अवसरों पर भी आप के काम आयेंगे। दिये गये निबंधों का आप अपनी आवश्यकता अनुसार उपयोग कर सकते हैं, ऐसे ही अन्य दूसरी सामग्रियों के लिए आप हमारी वेबसाइट का प्रयोग कर सकते हैं।

मेरा स्कूल पर बड़े तथा छोटे निबंध (Long and Short Essay on My School in Hindi)

Find here school essays in Hindi language for students in different words limit like 100, 150, 200, 250, 300, and 450 words.
इन दिये गये निबंधों में से आप अपनी आवश्यकता अनुसार किसी भी निबंध का चयन कर सकते हैं, यह निबंध काफी सरल तथा ज्ञानवर्धक है। इन निबंधों के माध्यम से हमनें स्कूल का महत्व क्या है? स्कूल जीवन के लिए क्यों आवश्यक है? स्कूल में क्या सुविधाएं होती है? स्कूल की संरचना कैसी होती है? विद्यालय की हमारे जीवन में क्या भूमिका है? आदि जैसे विषयों पर प्रकाश डालने का प्रयास किया है।

मेरा स्कूल पर निबंध 1 (150 शब्द)

मनुष्य को जीवन में सफल बनाने में सबसे बड़ा योगदान उसके विद्यालय का होता है। कोई भी मनुष्य जन्म से ही विषय कौशल नहीं होता है बल्कि इस धरती पर आकर ही किसी भी विषय पर ज्ञान प्राप्त करता है। मेरा चार मंजिले का स्कूल बहुत अच्छा है, यह हमारे लिए एक मंदिर के समान है जहाँ हम रोज पढ़ने के लिये जाते है। स्कूल पहुंचने के बाद हम सबसे पहले प्रार्थना करते है और इसके बाद अपने कक्षा अध्यापक को प्रणाम करके अपनी कक्षा की शुरुआत करते है।
इसके बाद हम अपने पाठ्य क्रम के अनुसार पढ़ना शुरु करते है। मुझे रोजाना स्कूल जाना काफी पसंद है। मेरे स्कूल में बहुत कड़ा अनुशासन है जिसका सभी विद्यार्थियों द्वारा नियमित पालन किया जाता है। इसके साथ ही मुझे मेरे स्कूल का ड्रेस भी काफी पसंद है मेरा स्कूल मेरे प्यारे घर से दो किलोमीटर की दूरी पर है और मैं पीली रंग की बस से अपने स्कूल जाता हूँ। ये एक बहुत शांतिपूर्ण जगह पर स्थित है जो प्रदूषण, शोर, गंदगी तथा शहर के धुएं से दूर है।
मेरा स्कूल

मेरा स्कूल पर निबंध 2 (200 शब्द)

प्रस्तावना
मेरा विद्यालय बहुत ही अच्छा है इसकी इमारत लाल रंग की है और यह तीन मंजिला है। मुझे अपने विद्यालय में उचित ड्रेस पहन कर जाना पसंद है। मेरे स्कूल टीचर बहुत ही दयालु है और हमें अनुशासन का अनुसरण करना सिखाती है। मेरा स्कूल बहुत अच्छी जगह पर स्थित है और शहर के सभी शोर-शराबे और भीड़ से दूर है। मेरे स्कूल में मुख्य गेट के करीब दो छोटे उद्यान है जहाँ पर ढेर सारे फूलों की सेज, घास युक्त मैदान, फलों के पेड़ और दो सुंदर फुहारे है।
स्कूल में सुविधाएँ
हमारे स्कूल में बहुत सारी सुविधाएँ है जैसे एक कम्प्यूटर लैब, दो विज्ञान लैब, एक बड़ा पुस्तकालय, एक बड़ा खेल का मैदान, एक सुंदर स्टेज और एक स्टेशनरी की दुकान। मेरे स्कूल में नर्सरी से लेकर कक्षा बारह तक के विद्यार्थी पढ़ते है। महिला और पुरुष अध्यापकों को मिलकार मेरे विद्यालय में कुल 57 काबिल शिक्षक है और इसके साथ ही मेरे विद्यालय में 20 सहायक है, एक प्रधानाचार्य और 10 गेटकीपर भी है। हमारे शिक्षक हमसे बहुत नम्रतापूर्वक व्यवहार करने के साथ ही हमें किसी भी विषय को बहुत ही रचनात्मक और रोचक तरीके से समझाते है।
निष्कर्ष
हमारे स्कूल में व्यवहार, स्वच्छता और पाबंदी पर विशेष ध्यान दिया जाता है। सबसे अच्छी तरह से व्यवहार करने वाले, स्वच्छ और समयबद्ध छात्रों को वार्षिक दिवस समारोह में पुरस्कार देकर सम्मानित भी किया जाता है। हमारे स्कूल के अध्यापक हमारे हर कार्य में हमारी सहायता करते हैं इसके साथ ही वह हमें नियमों का अनुसरण करना भी सिखाते हैं।

मेरा स्कूल पर निबंध 3 (300 शब्द)

प्रस्तावना
एक मंदिर की तरह ही एक स्कूल भी काफी पवित्र स्थल होता है। जहाँ हम दैनिक रुप से रोज अपने जीवन में आगे बढ़ने के लिये पढ़ने तथा सीखने जाते है। अपने बेहतर जीवन और सही पढ़ाई के लिये हम रोज स्कूल में भगवान से प्रार्थना करते है। हम रोज अपने कक्षा अध्यापिका को सुबह में नमस्कार करते है और वो अपने मुसकुराते चेहरे के साथ हमें जवाब देती है।
इसके अलावा हमारे स्कूल के पीछे की तरफ एक बहुत बड़ा उद्यान भी है, जहां हम खेलने के लिए जाते हैं। स्कूल एक ऐसी जगह है जहाँ एक व्यक्ति अपने शिक्षक के सहयोग से काफी कुछ सीखता है। शिक्षक हमें हमारी पढ़ाई में कड़ी मेहनत करने की शिक्षा प्रदान करते है और हमें अपने जीवन में आगे बढ़ने के लिये प्रेरित करते हैं। वो हमें स्वच्छता, विज्ञान, उचित स्वस्थ आहार व व्यवहार के के विषय में महत्वपूर्ण जानकारियां प्रदान करते हैं।
स्कूल का समय
मेरा स्कूल गर्मियों में 7:30 बजे सुबह से लेकर 1:30 बजे दोपहर तक चलता है और सर्दियों में यह 8:30 बजे सुबह से लेकर दोपहर के 3:30 बजे तक चलता है। हम रोज थोड़े समय के लिये पुस्तकालय जाते है जहाँ हम रचनात्मक किताबें और समाचारपत्र पढ़ते है, जिससे हमें हमारे हुनर और सामान्य को विकसित करने में सहायता मिलती है।
निष्कर्ष
हमारे शिक्षक हमें हमेशा खेल क्रियाओं, प्रश्न-उत्तर प्रतियोगिता, मौखिक-लिखित परीक्षा, वाद-विवाद, समूह चर्चा, स्कॉउट गाइड आदि जैसी दूसरी क्रियाओं में भाग लेने के लिये प्रेरित करते हैं। हमारे कक्षा अध्यापक हमें स्कूल के अनुशासन को बनाए रखना और स्कूल परिसर को साफ और स्वच्छ बनाए रखने के विषय में बताते। प्रार्थना के स्टेज पर हमारे प्रधानाचार्य हमें प्रतिदिन प्रेरणादायक संदेश देते है। पूरे जीवन भर हम सच्चा, ईमानदार, आज्ञाकारी और समझदार बनने के लिये सीखते है। हम सीखते कि कैसे अपनी कक्षा में पढ़ाई में एकाग्र होना है? हमारा स्कूल सालाना खेल प्रतियोगिता, प्रश्न-उत्तर प्रतियोगिता, नृत्य प्रतियोगिता आयोजित करता है, जिसमें भाग लेना हमारे समग्र विकास के लिये काफी आवश्यक होता है।


मेरा स्कूल पर निबंध 4 (400 शब्द)

प्रस्तावना
स्कूल ज्ञान का मंदिर है और यहाँ हम सामाजिक और व्यावसायिक जीवन के लिये तैयार होते है। दान के पैसे और भूमि के सहायता के साथ सन् 1990 में हमारे स्कूल का निर्माण हुआ। मेरे स्कूल का वातावरण बहुत ही खुशनुमा है और इसका पर्यावरण बहुत स्वच्छ और आकर्षक है। मेरा स्कूल खेल के मैदान के बीचों-बीच बना हुआ है। स्कूल के एक तरफ बहुत बड़ा उद्यान है, जिसमें एक छोटा तालाब है। इस तालाब में ढेर सारी मछलियाँ और जलचर जीव रहते हैं। मेरा स्कूल चार माले का है जहाँ नर्सरी से लेकर 12 तक के विद्यार्थी अध्ययन करते हैं।

मेरा स्कूल
मेरे स्कूल में एक बड़ा पुस्तकालय, प्रधानाचार्य कार्यालय, मुख्य कार्यालय, क्लर्क कार्यालय, एक विज्ञान प्रयोगशाला, एक कम्प्यूटर प्रयोगशाला, एक सामुहिक अध्ययन कक्ष, एक बड़ा सभाकक्ष, सामुहिक शिक्षक कक्ष, एक बड़ा खेल का मैदान, स्कूल परिसर में लड़के और लकड़ियों के लिये अलग-अलग छात्रावास आदि जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। मेरे स्कूल में उच्च निपुण तथा अनुभवी शिक्षक है जो बहुत ही प्रभावी और रचनात्मक तरीके से हमें पढ़ाते है। मेरे स्कूल में लगभग एक हजार बच्चे है जो हमेशा स्कूल के अंदर और स्कूल के बाहर होने वाली प्रतियोगिता में अव्वल आते है।
हम सभी स्कूल में उचित यूनिफोर्म में जाते है। हमारे पास दो तरह के यूनिफोर्म है, एक सामूहिक और दूसरा हाउस यूनिफोर्म। मेरा स्कूल गर्मियों में 7:30 बजे सुबह से लेकर 1:30 बजे दोपहर तक चलता है और सर्दियों में 8:30 बजे सुबह से लेकर दोपहर के 3:30 बजे तक चलता है। हम रोज थोड़े समय के लिये पुस्तकालय जाते है जहाँ हम रचनात्मक किताबें और समाचारपत्र पढ़ते है और अपने हुनर और सामान्य ज्ञान को बढ़ाते है।
पुस्तकालय
स्कूल में एक पुस्तकालय भी है। जहां से सभी छात्रों को पुस्तकें पढ़ने के लिए उपलब्ध होती हैं। स्कूल में प्रायोगिक कक्षाओं के लिए लैब भी बनी हैं। मेरे स्कूल का परीक्षा परिणाम लगभग शत-प्रतिशत रहता है और कई छात्र मेरिट में भी स्थान पाते हैं। हमारे स्कूल में एक बहुत ही विशाल पुस्तकालय है। इसमें विभिन्न विषयों की पुस्तकें उपलब्ध हैं, इसके साथ ही इस पुस्तकालय में हिंदी के दैनिक समाचार पत्र और कई महत्वपूर्ण मासिक अर्धवार्षिक और वार्षिक पत्रिकाएँ भी आती है।
निष्कर्ष
हमारा स्कूल हमारे लिए एक मंदिर के समान है, जहां से हमें बहुत कुछ सीखने को मिलता है। विद्यालय सार्वजनिक संपत्ति होते हैं। यह हमारी राष्ट्रीय निधि है , इसलिए विद्यार्थीयों को इसकी रक्षा के लिए हमेशा जागरूक रहना चाहिए।

मेरा स्कूल पर निबंध 5 (500 शब्द)

प्रस्तावना
स्कूल सार्वजनिक संपत्ति होते हैं। यह हमारी राष्ट्रीय निधि है , इसलिए विद्यार्थी को इसकी रक्षा के लिए हमेशा जागरूक रहना चाहिए। विद्यालय अर्थात् आलय यानी विद्या का घर। विद्यालय में सभी जाति, धर्म और वर्ग के बच्चे बढ़ने आते हैं। स्कूल मुख्यतः दो प्रकार के होते हैं शासकीय और अशासकीय।
मेरे घर से स्कूल की दूरी
मेरा स्कूल मेरे घर से सिर्फ एक किलोमीटर की दूरी पर ही स्थित है। यह बहुत ही स्वच्छ और शांतिपूर्ण स्थान, जहां कई सारे विद्यार्थी विद्यार्जन के लिये आते हैं। मेरा स्कूल एक मंदिर के समान है जहाँ हम रोज भगवान से प्रार्थना करने और एक दिन में छ: घंटे पढ़ने के लिये जाते है। हमारे स्कूल शिक्षक बहुत अच्छे है और हमें बेहद विनम्रता से पढ़ाते है। मेरे स्कूल में पढ़ाई, यूनिफोर्म और स्वच्छता को लेकर बहुत कड़े नियम है। मैं रोज स्कूल जाना पसंद करता हूँ क्योंकि मेरी माँ मुझसे कहती है कि रोज स्कूल जाना और सभी अनुशासनों का पालन करना बहुत जरूरी है। स्कूल ज्ञान का मंदिर है जहाँ हम बहुत रोचक तरीके से कई सारी चीजें सिखायी जाती है। हम पढ़ाई के साथ और भी बातें सीखते है जैसे अनुशासन, आचरण, समय-पालन और शिष्टाचार आदि।
खेल का मैदान
मेरे स्कूल का वातावरण बहुत अच्छा है जहाँ पर ढेर सारी सीनरी और हरियाली उपलब्ध है। यहाँ एक बड़ा उद्यान है जिसमें रंगबिरंगे फूल, सजावटी पेड़, हरी घास के साथ एक तालाब भी है जिसमें कई सारी मछलियाँ, मेंढक आदि रहते हैं। इसके साथ ही बड़ा खेल का मैदान, बड़ा खुला स्थान मेरे स्कूल को एक प्राकृतिक सुंदरता प्रदान करने का कार्य करता है। मेरे स्कूल में क्रिकेट नेट, बास्केट बॉल कोर्ट और स्केटिंग मैदान की भी सुविधा उपलब्ध है। मेरा स्कूल सीबीएसई बोर्ड के नियमों का अनुसरण करता है। मेरा स्कूल नर्सरी से कक्षा 12 तक की सुविधा उपलब्ध कराता है। मेरे स्कूल के प्रधानाचार्य स्कूल में अनुशासन और स्वच्छता को लेकर काफी गंभीर है।
स्कूल में सुविधाएं
इसके साथ जो बच्चे स्कूल से बहुत दूर रहते है, उनके लिये मेरा स्कूल बस की सुविधा उपलब्ध कराता है। सुबह के समय सभी बच्चे खेल के मैदान में प्रार्थना के लिये जुटते है और प्रार्थना के बाद अपने-अपने कक्षा की ओर प्रस्थान करते है। मेरे स्कूल में नर्सरी से लेकर कक्षा 12 तक में हर साल लगभग 2000 बच्चों को दाखिला होता है। मेरे स्कूल में अलग-अलग विषयों जैसे गणित, कला, विज्ञान, भूगोल, इतिहास, अंग्रेजी आदि के लिये अलग-अलग शिक्षक है। मेरे स्कूल परिसर में एक बड़ी पुस्तकालय,लेखन सामग्री दुकान और कैंटीन जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध है। इसके साथ ही मेरे विद्यालय में हर वर्ष एक वार्षिक कार्यक्रम आयोजित होता है, जिसमें भाग लेना सभी छात्रों के लिये अनिवार्य है।
निष्कर्ष
मंदिर के तरह ही विद्यालय भी एक पवित्र स्थान है। विद्यालय में हमें तमाम तरह की सुविधाएं प्रदान की जाती हैं। इससे कोई फर्क नही पड़ता की जिस विद्यालय में हम पढ़ते हैं वह छोटा है या बड़ा क्योंकि यह वह जगह है जहां हमें हमारे छात्र जीवन के दौरान काफी कुछ सिखने के लिए मिलता है और विद्यालय में सीखे गयी चीजें। हमारे लिए जीवनपर्यंत काम आती हैं।
 

मेरा स्कूल पर निबंध 6 (600 शब्द)

प्रस्तावना
मेरा स्कूल एक बहुत शानदार तरीके से बनाया गया एक प्रभावपूर्ण इमारत है और यह हमारे शहर के बीचों-बीच स्थित है। यह मेरे घर से लगभग 3 किमी की दूरी पर स्थित है और मैं स्कूल बस द्वारा विद्यालय जाता हूँ। मेरा स्कूल मेरे राज्य का सबसे अच्छा विद्यालय है। ये बेहद शांतिपूर्ण और प्रदूषण मुक्त स्थान है। मेरे स्कूल के दोनों तरफ सीढ़ियाँ है जो हमें ऊपर के मंजिल की तरफ ले जाती हैं। इसके पहले तल पर सुसज्जित और बड़ी पुस्तकालय; अत्याधुनिक विज्ञान प्रयोगशाला और एक कंप्यूटर प्रयोगशाला है। इसके भू-तल पर स्कूल रंग-भवन है जहाँ सभी वार्षिक कार्यक्रम, मीटिंग, पीटीएम, नृत्य प्रतियोगिता जैसे कार्यक्रम आयोजित किये जाते हैं।
स्कूल की सुंदरता
हमारे विद्यालय का प्रधानाचार्य कार्यालय, मुख्य कार्यालय, क्लर्क कमरा, स्टॉफ कमरा और सामूहिक पढ़ाई कक्ष भूतल पर स्थित है। स्कूल की कैंटीन, लेखन सामग्री की दुकान, चेस रुम और स्केटिंग हॉल भी भूतल पर ही स्थित है। मेरे स्कूल में प्रधानाचार्य के कार्यालय के सामने दो बॉस्केट बॉल कोर्ट भी है जबकि फुटबॉल मैदान इसके किनारे में स्थित है। मेरे स्कूल में मुख्य कार्यालय के सामने रंग-बिरंगे फूलों और सजावटी पेड़ों से भरा एक छोटा सा उद्यान है, जो पूरे स्कूल परिसर की सुंदरता को बढ़ा देता है। हमारे स्कूल में लगभग 2000 विद्यार्थी अध्ययन करते हैं और वो हमेशा अंतर- स्कूली प्रतियोगितों में अव्वल आते है।
स्कूल के शिक्षक
मेरे स्कूल में पढ़ाई का तरीका बेहद रचनात्मक और प्रगतिशील है जो किसी भी कठिन विषयवस्तु को आसानी से समझने में हमारी सहायता करता है। हमारे शिक्षक हमें बहुत ईमानदारी तथा मेहनत से पढ़ाते है और सब कुछ काफी व्यवहारिक तरीके से समझाते है। मेरा स्कूल अंतर-स्कूली सांस्कृतिक कार्यक्रम और खेल क्रियाएँ जैसे हर कार्यक्रम में प्रथम आता है। मेरा स्कूल बहुत शानदार तरीके से साल के सभी महत्वपूर्ण दिनों को मनाता है जैसे खेल दिवस, स्वतंत्रता दिवस, गणतंत्र दिवस, शिक्षक दिवस, बाल दिवस, अभिभावक दिवस, क्रिसमस डे, वार्षिक कार्यक्रम, नया साल, गाँधी जयंती आदि।
दूसरे क्रियाकलाप
हम लोग पढ़ाई से अलग दूसरी क्रियाओं में भी भाग लेते है जैसे तैराकी, एनसीसी, स्कूल बैंड, स्कॉउटिंग, स्केटिंग, नृत्य, गाना आदि। स्कूल के नियम अनुसार गैर अनुशासित और दुर्व्यवहार करने वाले विद्यार्थियों को उनके क्लास टीचर द्वारा दण्ड भी दिया जाता है। हमारे स्कूल प्रधानाचार्य सभी कक्षा के बच्चों के चरित्र निर्माण, शिष्टाचार, नैतिक शिक्षा, अच्छे मूल्यों को विकसित करने, दूसरों का सम्मान करने आदि जैसे विषयों के लिये हमारी रोज 10 मिनट की क्लास मीटिंग हॉल में लेते है।
हमारे स्कूल का समय बेहद मजेदार और सुखद होता है क्योंकि इस दौरान हम लोग रोज बहुत सारी रचनात्मक और व्यवहारिक चीजें सीखते है। इसके साथ ही हमारे विद्यालय में कहानी कहने का हमारा मौखिक आकलन, गीत, कविता पाठ, हिन्दी और अंग्रेजी में बातचीत आदि की कक्षा हमारे अध्यापकों द्वारा दैनिक रुप से ली जाती है। इसलिए मुझे मेरे विद्यालय पर काफी गर्व है और मेरे लिए यह दुनियां के सबसे अच्छे विद्यालयों में से एक है।
विद्यालय की संरचना
मेरा स्कूल पांच मंजिल का है। और यह तीन जगह स्थित है। हमारा विद्यालय हमारे लिए एक मन्दिर के समान है। हमारे विद्यालय के पास एक बैंक भी है और हमारे स्कूल को प्रदूषण , शोर , गंदगी और धुएं जैसे समस्याओं से दूर बनाया गया है, ताकि बच्चों को पढ़ने का शांतिपूर्ण महौल मिल सके। हमारे स्कूल में व्यवहार, स्वच्छता और पाबंदी पर विशेष ध्यान दिया जाता है और सबसे अच्छे तरह से व्यवहार करने वाले, स्वच्छ और समयबद्ध छात्रों को वार्षिक दिवस समारोह में पुरस्कारों द्वारा सम्मानित भी किया जाता है।
निष्कर्ष
हमारा स्कूल हमारे लिए एक मंदिर के समान है, जहां हम दैनिक रुप से कुछ ना कुछ नया सिखते हैं। विद्यालय सार्वजनिक संपत्ति होते हैं, यह हमारे लिए राष्ट्रीय निधि के समान हैं। इसलिए छात्रों को इसके रक्षा के लिए सदैव जागरूक रहना चाहिए। हमारा विद्यालय हमारे लिए एक ऐसा स्थान होता है जहां हमारे समग्र विकास के लिए तमाम तरह की सुविधाएं उपलब्ध होती हैं। यहीं कारण है कि हमें विद्या ग्रहण करने के पश्चात अपने जीवन में कुछ ऐसे कार्य करने चाहिए, जिसके द्वारा हम अपने साथ-साथ अपने विद्यालय का नाम भी रोशन कर सकें।



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