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मंगलवार, 4 दिसंबर 2018

भेड़ बनकर मिमियाना चाहते हो या शेर बनकर दहाड़ना? सोच लो!

क्या आप शीप (भेड़) बनना पसंद करेंगे या शेर?
बिल्कुल शेर!!
लेकिन आपने कभी यह सोचा है की आप शेर है या शीप(भेड़)???
कडवा सच कहूँ तो ज्यादातर लोग शीप ही है ।
वो जी तो रहे है लेकिन जिंदगी के सामने दहाड़ कर अपने उसूलों, अपने दम पर नहीं जी रहे बल्कि जिंदगी और अपने सपनों के सामने एक शीप(भेड़) की तरह घुटने टेक मिमियाते जी रहे है ।
तो जानते है की यह शीप की तरह जीना क्या है और शेर की तरह जीना क्या है ।
इसके लिए हमें शीप और शेर की थ्योरी समझनी होगी ।

शीप और शेर थ्योरी

पहले शीप की बात करते है,

शीप का जीवन

शीप का जीवन गड़रिये के इशारों पे चलता है, जहाँ गड़रिया ले चले वहां चलता है और दूसरे शीप की तरह ही चलता है ।
शीप के अपने कोई सपने नहीं होते, शीप की अपनी कोई मंजिल नहीं होती बस वो तो जहाँ गड़रिया ले चले वहाँ चलता है, जहाँ और शीप जा रहे है ठीक वहाँ वो भी चलता है ।
शीप के पास कोई सवाल नहीं है की वो भी वहां जाए तो क्यों जाए और न जाए तो कहा जाए, वो तो बस दूसरे शीप को देख के सर झुकायें अंधभक्त की तरह पीछा किये जाता है और अगर वो अपनी ऐसी परिस्थितियों से दुखी हो जाता है तो ज्यादा से ज्यादा मिमिया लेता है और फिर से उसी तरह जीने लगता है ।
न तो आँखों में कोई सपने (Dreams) है, न ही जिंदगी जीने का जोश और जुनून बस एक के पीछे एक चले जा रहा है ।
अब बात करते है एक शेर की,

शेर का जीवन

शेर का कोई मालिक नहीं होता वो खुद ही अपना मालिक है ।
शेर एक योद्धा की तरह जीता है जब तक जीता है अपने उसूलों पे जीता है अपने दम पर जीता है ।
उसे कोई चला नहीं सकता क्योंकि वो जंगल का राजा है वो अपनी मर्जी का मालिक है जो दिल में आये वही करता है ।
शेर अगर किस भी परिस्थितियों से परेशान है तो वो मिमियाता नहीं बल्कि शेर दहाड़ कर लड़ता है, ज्यादातर परेशानियां तो उसकी दहाड़ सुनकर ही भाग जाती है ।
शेर अपने शिकार का सपनों की तरह चेज (पीछा) करता है, उसके लिए लड़ता है और अपनी मंजिल खुद तय करता है इसलिए वो राजा है जंगल का और अपने दिल का भी ।
शेर की आँखों में जुनून होता है, दहाड़ में आत्मविश्वास और जिंदगी अपने उसूलों पर जीने का हौसला होता है ।
अब देखते है की यह थ्योरी से हम कैसे जुड़े हुए है ।

क्या हम भी शेर है?

एक्चुअली इंसान इस थ्योरी की तरह ही जी रहा है, जैसे या तो वो शेर है या शीप ।
कुछ लोग शीप की तरह है तो कुछ लोग शेर की तरह है ।
लेकिन देखे तो शीप ज्यादा है शेर कम ।
शीप वो सब है जो अपने दिल की नहीं सुनते और बस लोगो को देख देख कर ही आगे बढ़ रहे या जो और लोग बोल रहे वही कर रहे है ।
शीप वो है जिनके पास कोई मंजिल ही नहीं है और नहीं कोई सपने है । और अगर सपने है भी तो इसके पीछे भागने की हिम्मत नहीं है ।
सपने छोड़ दिए है अंदर से मर चुके है परिस्थितियों को स्वीकार कर लिया है, किसी ने कहा की यह तो नामुमकिन है इसलिए हार मान चुके है ।
शीप वो है जो कुछ विफलताओं से फड़फड़ा उठे है और प्रयास करना छोड़ चुके है ।
शीप वो लोग है जिनका जीवन अपने कंट्रोल में नहीं है, जो अपने हिसाब से नहीं दूसरों के नजरिये से जी रहे है वो बस अंधो की तरह वो किये जा रहे जो उन्हें पसंद नहीं लेकिन सब कर रहे इसलिए वो भी कर रहे है ।
ऐसे लोगो का जीवन बस गडरिये के भरोसे चल रहा है पता नहीं कहा जा रहे है क्यों जा रहे ।
और कुछ लोग शेर की तरह होते है जो बस अपने ही दिल की सुनते है, अपने हिसाब से चलते है उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता और क्या कर रहे है या क्या सोच रहे है वे तो बस तूफ़ान की तरह अपनी मस्ती में चल रहे है वे आते है और रिकॉर्ड तोड़ जाते है ।
वे सपने देखते है, अपनी मंजिल ढूंढते है और पूरे जोश जुनून से जैसे एक शेर अपने शिकार का पीछा करता है ठीक वैसे ही ये लोग अपने सपनों का पीछा करते है और जब तक इसे धर दबोच ना ले तब तक रुकते नहीं ।
चाहे परिस्थितियां कितनी भी विपरीत क्यों न हो लेकिन यह अपना सर नहीं झुकाते, हार नहीं मानते और नहीं मिमियाते है बल्कि आँखों में जुनून और बाहों में ज्वाला सा जोश भरकर लड़ते है और राजा बन जाते है ।
ह शेर नरेन्द्र मोदी है, वह शेर सचिन तेंदुलकर है, वह शेर अब्दुल कलाम है, वह विराट कोहली है, वह दशरथ मांझी है, वह संदीप महेश्वरी है वह मैरी कॉम है, वह हर एक वो व्यक्ति है जो अपने सपनों के लिए लड़ रहा, वह हर एक वो व्यक्ति है जो अपने दिल से जी रहा है ।

आपका जीवन

  • तो क्या आप भी सपने देख रहे है?
  • क्या आप भी अपने दिल की बात सुन रहे है?
  • क्या आप भी 50 बार गिर कर भी खड़े हो रहे है?
  • क्या आप भी परिस्थितियों को चीर कर आगे बढ़ रहे है?
  • क्या आप भी एक आग अपने दिल में संजोए घूम रहे है?
  • क्या आप भी मिमियाने की बजाय शेर दहाड़ कर रहे है?
अगर हां तो आप भी शेर है!
मुबारक हो आप शेर है और इस पूरे विश्व के राजा, मुबारक हो आप अपनी नियति खुद बना रहे, मुबारक हो आप ही है असली विश्व विजेता सिकंदर ।
तो उठो अपने सपनों से जी चुराकर भागो मत बल्कि उसके पीछे शेर की तरह भागो, फेलियर के दर से मिमियाओ मत बल्कि अपनी जीत की उद्घोषणा की दहाड़ करो

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