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शनिवार, 6 अक्तूबर 2018

जानें, शुतुरमुर्ग के बारे में रोचक बातें (Shuturmurg) hindi information about Ostrich

शुतुरमुर्ग काफी शक्तिशाली होते हैं और इनके पैरों में इतनी जान होती है की ये अपनी लात से शेर को भी घायल कर देते हैं। शुतुरमुर्ग दुनिया का सबसे तेज रफ़्तार से दौड़ने वाला पक्षी है, इसकी दौड़ने की रफ़्तार करीब 72 किमी प्रति घंटे तक की होती है। आइए जानते हैं शुतुरमुर्ग के बारे में...।
About Ostrich in Hindi (Shuturmurg)
शुतुरमुर्ग (Ostrich) दुनिया का सबसे बड़ा पक्षी है।
इसका अंडा (Ostrich Egg) भी बाकी सभी पक्षियों के मुकाबले बड़ा होता है।
यह पक्षी मुख्य रूप से अफ्रीका में पाया जाता है।
कीड़े-मकोड़े, घास, बीज आदि इसका मुख्य आहार होता है।
शुतुरमुर्ग 9 फ़ीट तक ऊँचा होता है।
शुतुरमुर्ग का वजन 150 किलोग्राम से भी उपर होता है।
ज्यादा अधिक बड़ा और वजन में भारी होने के कारण यह उड़ नहीं सकता।
शुतुरमुर्ग की आंखें तो 2 इंच तक लम्बी और मोटी होती हैं।
शुतुरमुर्ग के दौड़ने की गति 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटा होती है।
मादा शुतुरमुर्ग एक वर्ष में 50 से लेकर 60 तक अंडे दे सकती है।
अण्डों से 40 दिनों के पश्चात चूजे बाहर आ जाते हैं।
शुतुरमुर्ग सबसे तेज़ दौड़ने वाला पक्षी भी है।
शुतुरमुर्ग के देखने और सुनने की क्षमता बहुत ज्यादा होती है।
शुतुरमुर्ग दौड़ते वक्त अपने पंखों से अपना बैलेंस बनाकर रखते हैं।
खतरा महसूस होने पर यह आपके पीछे पड़ जाते हैं और आपको जख्मी भी कर सकते हैं।
शुतुरमुर्ग 50 से 70 वर्षों तक जीवित रहता है।
यह मुख्य रूप से मैदानी और मरुस्थलीय स्थानों पर रहना पसंद करते हैं।
शुतुरमुर्ग की ऊंचाई 9 फीट तक होती है। वजन 155 किलोग्राम तक होता है। वह 75 साल तक जीवित रहता है। 70 किलोमीटर की रफ्तार से लगातार आधे घंटे तक दौड़ सकता है। रफ्तार के समय यह खुद को संतुलित रखने के लिए अपने 6 फीट लंबे पंख का इस्तेमाल करता है। इस कारण यह दुनिया का सबसे बड़ा पक्षी कहलाता है। लंबे पैर और गर्दन वाला शुतुरमुर्ग मुख्य रूप से अफ्रीका में पाया जाता है। मेल शुतुरमुर्ग को रोस्टर और फीमेल को हेन कहते हैं।
यह मुख्य रूप से मैदानी और मरुस्थलीय क्षेत्र में रहता है। घास-फूस, छोटे पौधे, बीज, कीड़े-मकोड़े आदि इसके आहार हैं। धरती के इस सबसे बड़े पक्षी के दांत नहीं होते, इसलिए वह अपने भोजन को पचाने के लिए पेट में पत्थर के टुकड़े रखता है। इन टुकड़ों का वजन एक किलोग्राम तक हो सकता है।
कालाहारी मरुस्थल में पाए जाने वाले सान जनजाति के लोग पानी के लिए पौधों की जड़ो और रेगिस्तानी खरबूजे पर निर्भर रहते है जो रेगिस्तान के अंदर या बाहर मिल जाते है | ये अक्सर पानी को शुतुरमुर्ग के अंडों में संग्रहित करके रखते है
मेल शुतुरमुर्ग आमतौर पर काला होता है, लेकिन इसके पंख सफेद भी पाए गए हैं। फीमेल शुतुरमुर्ग और उनके बच्चों का रंग भूरा और सफेद होता है। अधिक वजन होने के कारण यह उड़ नहीं सकता। शुतुरमुर्ग काफी तेजी से बड़ा होता है। एक साल तक यह प्रति माह 10 इंच तक बढ़ता है। इसकी आंखें दो इंच तक होती है।
धरती पर रहने वाले किसी भी अन्य जीव की आंखें इतनी बड़ी नहीं होतीं। शुतुरमुर्ग का अंडा भी सबसे बड़ा होता है। इसके अंडे का आकार 6 इंच लंबा और 5 इंच चौड़ा होता है। यह साल में ऐसे 60 अंडे दे सकता है। इसके अंडे से 40 दिनों में चूजे बाहर आते हैं। एक अंडे का वजन 1.6 किलोग्राम तक होता है। शुतुरमुर्ग का एक अंडा मुर्गी के 24 अंडे के बराबर होता है।
शुतुरमुर्ग का एक अंडा हाथ में पकड़ने के लिए इंसान को अपने दोनों हाथों का इस्तेमाल करना पड़ता है। इसका एक अंडा मुर्गी के दो दजर्न अंडों के बराबर होता है, जिसका वजन 3 पाउंड के लगभग होता है। इसके एक अंडे में लगभग 2000 कैलोरी की मात्र होती है। इसके अंडे को प्रयोग में लाने के लिए कम से कम 40 मिनट उबालने की जरूरत होती है। कालाहारी मरुस्थल (अफ्रीका) में शिकारी लोग शुतुरमुर्ग के अंडे के ऊपरी स्तर या छिलके को वॉटर कंटेनर के रूप में प्रयोग करते हैं।
शुतुरमुर्ग हवा में उड़ नहीं सकता, लेकिन अपनी एक छलांग में 10 से 16 फुट (3 से 5 मीटर) की दूरी तय कर सकता है।
शुतुरमुर्ग एक घंटे के अंदर 43 मील (73 कि.मी.) की दूरी तय कर सकता है और लगातार दौड़ कर यह एक घंटे में 31 मील (50 कि.मी.) की दूरी कवर कर सकता है (हवा में जंप लगाए बगैर)।
शुतुरमुर्ग अपने पंखों का इस्तेमाल दौड़ते समय अपनी दिशा को बदलने के लिए करता है।
इसके पैर बहुत ही ज्यादा मजबूत और लंबे होते हैं। इनका प्रयोग दौड़ने में तो होता ही है, लेकिन इसका इस्तेमाल शुतुरमुर्ग अपनी आत्मरक्षा में भी करता है।
शुतुरमुर्ग 
टाइप - बर्ड
खाना - सर्वाहारी
जीवनकाल - 30 से 40 वर्ष
साइज - 7 से 9 फुट (2.1 से 2.7 मीटर)
वजन - 100 से 160 किग्रा
आंखें - पृथ्वी पर मौजूद किसी भी जंतु से बड़ी। शुतुरमुर्ग की आंखें 5 सें.मी. के लगभग होती हैं।
शुतुरमुर्ग के लेदर, पंख, मीट और अंडों के उत्पाद का कारोबार किया जाता है। इसका मीट रेड मीट माना जाता है और इस अंडे की भी काफी डिमांड है, जिस कारण अब भारत में भी इसकी फार्मिग होने लगी है। इसके पंख और लेदर का इस्तेमाल फैशनेबल बैग, कपड़े आदि बनाने में किया जाता है। भारत में शुतुरमुर्ग को चिड़ियाघर में देखा जा सकता है।    
#Ostrich  #शुतुरमर्ग
(इंटरनेट से एकत्र जानकारी।)

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