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शनिवार, 6 अक्तूबर 2018

‘भारत रत्न’ (अंग्रेज़ी:Bharat Ratna) देश का सर्वोच्च सम्मान है।

भारत रत्न’ (अंग्रेज़ी:Bharat Ratna) देश का सर्वोच्च सम्मान है। इस अलंकरण से उन व्यक्तियों को सम्मानित किया जाता है जिन्होंने देश के किसी भी क्षेत्र में महत्त्वपूर्ण कार्य किए हों, अपने-अपने क्षेत्रों में उत्‍कृ‍ष्‍ट कार्य कर हमारे देश का गौरव बढ़ाया और हमारे देश को अंतरराष्‍ट्रीय मान्‍यता प्राप्त हुई। भारत रत्‍न उच्‍चतम नागरिक सम्‍मान है, जो कला, साहित्‍य, विज्ञान, राजनीतिज्ञ, विचारक, वैज्ञानिक, उद्योगपति, लेखक और समाजसेवी को असाधारण सेवा के लिए तथा उच्च लोक सेवा को मान्‍यता देने के लिए भारत सरकार की ओर से दिया जाता है। ‘भारत-रत्न’ उन महान् व्यक्तियों की जीवन गाथा तो है ही, साथ में उन महापुरुषों के जीवन काल का इतिहास भी है। डा. विश्वेश्वरैया ने जल की आपूर्ति, बांध आदि की जो योजनाएं बनाईं और उन्हें साकार किया, उनकी उस समय कल्पना कठिन थी। महान् उद्योगपति जे. आर. डी. टाटा ने विमान-सेवा उस समय आरंभ की जब ठीक ढंग से हवाई अड्डे भी नहीं थे। ‘भारत-रत्न’ ऐसी विभूतियों का चरित्र-चित्रण है जिनके बिना देश का इतिहास अधूरा है।

‘भारत-रत्न’ सर्वोच्च सम्मान

यह प्रतिवर्ष दिया जाने वाला अलंकरण नहीं। यह किसी व्यक्ति के संपूर्ण व्यक्तित्व और देश के प्रति उसकी अत्यन्त समर्पण भावना के लिए यदा-कदा दिया जाने वाला अलंकरण है। अन्य पुरस्कारों 'पद्मश्री', 'पद्म भूषण' और 'पद्म विभूषण' आदि से ‘भारत-रत्न’ श्रेष्ठ पुरस्कार है। यह उन आदर्श महान् पुरुषों को ही दिया जाता है जिनकी जीवन गाथा पुण्य-भागीरथी के समान है, जिसे जानकर एक साधारण मनुष्य अपने आप को पाप मुक्त और निर्मल पाता है। ‘भारत-रत्न’ में ऐसी विभूतियों के दिव्य चरित्र हैं जिन्होंने जीवन को इतनी ऊँचाइयों तक पहुँचाया जहाँ की कोई कल्पना नहीं कर सकता। संभवत: इक़बाल ने ऐसे ही महान् पुरुषों के लिए कहा था-
खुदी को कर बुलंद इतना कि हर तकदीर से पहले ख़ुदा बन्दे से खुद पूछे बता तेरी रज़ा क्या है ?
‘भारत-रत्न’ अनेक महान् व्यक्तियों की जीवन-गाथा के साथ यह भारत के उस काल का इतिहास भी है, जिस काल से इन आदर्श पुरुषों का संबंध रहा। ‘भारत-रत्न’ केवल राजनेताओं का ही नहीं वरन् इसमें वे लोग भी सम्मिलित हैं जिन्होंने देश को नई उपलब्धि दी और देश को प्रगति के मार्ग पर अग्रसर करने का यत्न किया।

स्वरूप

इस पुरस्‍कार के रूप में दिए जाने वाले सम्‍मान की मूल रूप-रेखा 35 मिलिमीटर व्‍यास वाला गोलाकार स्‍वर्ण पदक है जिस पर सूर्य और ऊपर हिन्दी भाषा में भारत रत्‍न और नीचे एक फूलों का गुलदस्‍ता बना होता है पीछे की ओर शासकीय संकेत और आदर्श-वाक्‍य लिखा होता है। इसे सफ़ेद फीते में डालकर गले में पहनाया जाता है। एक वर्ष बाद इस डिजाइन को बदल दिया गया था। तांबे के बने पीपल के पत्ते पर प्लेटिनम का चमकता सूर्य बना दिया गया। जिसके नीचे चाँदी में लिखा रहता है "भारत रत्न" और यह सफ़ेद फीते के साथ गले में पहना जाता है।

इतिहास

यह पुरस्कार 2 जनवरी 1954 को प्रारम्भ किया गया था। यह पुरस्कार भारत के प्रथम राष्ट्रपति श्री राजेन्द्र प्रसाद द्वारा घोषित किया गया था। दूसरे अलंकरणों के भाँति इस सम्मान को भी, नाम के साथ पदवी के रूप में प्रयोग नहीं किया जा सकता है। शुरू में इस सम्मान को 'मरणोपरांत' नहीं दिया जाता था, किंतु 1955 के बाद यह निर्णय लिया गया और यह मरणोपरांत भी दिया जाने लगा। 13 जुलाई1977 से 26 जनवरी1980 तक इस पुरस्कार को स्थगित कर दिया गया था।

परम्परा

भारत रत्‍न पुरस्‍कार की परम्‍परा 1954 में शुरू हुई थी।
  • भारत रत्न 26 जनवरी को भारत के राष्ट्रपति द्वारा दिया जाता है।
  • सबसे पहला पुरस्‍कार प्रसिद्ध वैज्ञानिक चंद्रशेखर वेंकटरमन को दिया गया था। तब से अनेक विशिष्‍ट जनों को अपने-अपने क्षेत्र में उत्‍कृष्‍टता पाने के लिए यह पुरस्‍कार प्रस्‍तुत किया गया है।
  • जनता पार्टी द्वारा इस पुरस्कार को 1977 में बंद कर दिया गया था किंतु 1980 में कांग्रेस सरकर ने इसे फिर से दोबारा शुरू किया।
  • 1980 में दोबारा शुरू होने पर इसे सर्वप्रथम मदर टेरेसा ने प्राप्त किया था।
  • हमारे भूतपूर्व राष्‍ट्रपति, वैज्ञानिक डॉ. ए. पी. जे. अब्‍दुल कलाम को भी 1997 में यह प्रतिष्ठित पुरस्‍कार दिया गया।
  • इसका कोई लिखित प्रावधान नहीं है कि 'भारत रत्‍न' केवल भारतीय नागरिकों को ही दिया जाएगा।
  • यह पुरस्‍कार स्‍वाभाविक रूप से भारतीय नागरिक बन चुकी 'एग्‍नेस गोंखा बोजाखियू', जिन्‍हें हम मदर टेरेसा के नाम से जानते हैं, को दिया गया।
  • दो अन्‍य अभारतीय - ख़ान अब्दुलगफ़्फ़ार ख़ान को 1987 में और नेल्‍सन मंडेला को 1990 में यह पुरस्कार दिया गया।
  • यह भी अनिवार्य नहीं है कि भारत रत्‍न सम्‍मान प्रतिवर्ष दिया जाएगा।
  • मरणोपरांत सर्वप्रथम लालबहादुर शास्त्री को भारत रत्न से सम्मानित किया गया था।
  • श्री सत्यपाल आनन्द ने राजीव गाँधी को मरणोपरांत भारत रत्न देने की प्रक्रिया को मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय में चुनौती दी थी।

विरोधाभास

  • स्वतंत्रता सेनानी नेताजी सुभाषचन्द्र बोस को 1992 में 'भारत रत्न' से मरणोपरान्त सम्मानित किया गया था। किंतु उनकी मृत्यु विवादित होने के कारण अनेक प्रश्नों को उठाया गया था। अत: भारत सरकार ने यह पुरस्कार वापस ले लिया था। यह पुरस्कार वापस लेने का यह एकमात्र उदाहरण है।
  • स्वतंत्र भारत के प्रथम शिक्षा मंत्री मौलाना अबुल कलाम आज़ाद को जब 'भारत रत्न' दिया गया तो उन्होंने इसका विरोध किया। उनका विचार था कि इसकी चयन समिति में रहे व्यक्ति को यह सम्मान नहीं दिया जाना चाहिये। 1992 में उन्हें मरणोपरांत 'भारत रत्न' दिया गया।

भारत रत्न सम्मानित व्यक्तित्व सूची

क्रमवर्षनामकार्य क्षेत्रचित्र
11954डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णनदार्शनिक
21954चक्रवर्ती राजगोपालाचारीस्वतंत्रता सेनानी
31954डॉ. सी. वी. रमनभौतिकशास्त्री
41955डॉ. भगवान दासस्वतंत्रता सेनानी
51955डॉ. मोक्षगुंडम विश्वेश्वरय्यासिविल इंजीनियर
61955जवाहरलाल नेहरूस्वतंत्रता सेनानी
71957गोविंद बल्लभ पंतस्वतंत्रता सेनानी
81958डॉ. धोंडो केशव कर्वेसमाज सुधारक
91961डॉ. बिधान चंद्र रायचिकित्सक
101961पुरुषोत्तम दास टंडनस्वतंत्रता सेनानी
111962डॉ. राजेंद्र प्रसादस्वतंत्रता सेनानी
121963डॉ. ज़ाकिर हुसैनविद्वान
131963डॉ. पांडुरंग वामन काणेसंस्कृत विद्वान
141966लाल बहादुर शास्त्रीस्वतंत्रता सेनानी
151971इंदिरा गाँधीराजनीतिज्ञ
161975वी. वी. गिरीश्रमिक संघवादी
171976के. कामराजस्वतंत्रता सेनानी
181980मदर टेरेसाकॅथोलिक नन
191983आचार्य विनोबा भावेस्वतंत्रता सेनानी
201987ख़ान अब्दुलगफ़्फ़ार ख़ानस्वतंत्रता सेनानी
211988मरुदुर गोपालन रामचन्द्रनअभिनेता, राजनीतिज्ञ
221990डॉ. भीमराव आम्बेडकरराजनीतिज्ञ, अर्थशास्त्री
231990नेल्‍सन मंडेलारंगभेद विरोधी आंदोलन के नेता
241991राजीव गाँधीराजनीतिज्ञ
251991सरदार पटेलस्वतंत्रता सेनानी
261991मोरारजी देसाईस्वतंत्रता सेनानी
271992अबुलकलाम आज़ादस्वतंत्रता सेनानी
281992जे. आर. डी. टाटाउद्योगपति
291992सत्यजीत रे (राय)फ़िल्म निर्माता-निर्देशक
301997डॉ. अब्दुल कलामवैज्ञानिक
311997गुलज़ारीलाल नन्दास्वतंत्रता सेनानी
321997अरुणा आसफ़ अलीस्वतंत्रता सेनानी
331998एम.एस. सुब्बालक्ष्मीशास्त्रीय गायिका
34.1998सी. सुब्रह्मण्यमस्वतंत्रता सेनानी
351998जयप्रकाश नारायणस्वतंत्रता सेनानी
361999पं. रवि शंकरसितार वादक
371999अमर्त्य सेनअर्थशास्त्री
381999गोपीनाथ बोरदोलोईस्वतंत्रता सेनानी
392001लता मंगेशकरपार्श्व गायिका
402001उस्ताद बिस्मिल्ला ख़ांशहनाई वादक
412008पं. भीमसेन जोशीशास्त्रीय गायक
422013प्रो. सी.एन.आर. रावरसायन वैज्ञानिक
432013सचिन तेंदुलकरक्रिकेट खिलाड़ी
442014मदन मोहन मालवीयविद्वान
452014अटल बिहारी वाजपेयीराजनीतिज्ञ


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