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बुधवार, 4 अप्रैल 2018

परवीन बॉबी (parveen Bobi)

परवीन बॉबी (जन्म: 4 अप्रैल1949; निधन: 20 जनवरी2005हिन्दी फ़िल्मों की एक अभिनेत्री हैं, जिन्हें 1970 के दशक के शीर्ष नायकों के साथ ग्लैमरस भूमिकाएं निभाने के लिए याद किया जाता है। उन्होने 1970 और 1980 की ब्लोकबस्टर फिल्मों मे भी काम किया है, जैसे दीवार, नमक हलाल, अमर अकबर एन्थोनी और शान। उन्हें भारत की सबसे खूबसूरत अभिनेत्रियों में एक माना जाता है।

व्यक्तिगत जीवन

परवीन का जन्म जूनागढ़, गुजरात के एक मुस्लिम परिवार में हुआ था। उनकी आरंभिक शिक्षा माउंट कार्मेल हाई स्कूल, अहमदाबाद से हुई और बाद में उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, अहमदाबाद से अंग्रेजी साहित्य में मास्टर डिग्री प्राप्त की। उनके पिता वली मोहम्मद बॉबी, जूनागढ़ के नवाब तथा जमाल बख्ते बॉबी के निकाय प्रशासक थे। उनके पूर्वज गुजरात के पठान थे तथा बॉबी राजवंश के हिस्सा थे। वे अपने माता-पिता की एक मात्र संतान थी जो उनकी शादी के चौदह वर्ष बाद पैदा हुई थी। परवीन ने दस वर्ष की आयू में अपने पिता को खो दिया था.
परवीन ने कभी शादी नहीं की। लेकिन उनका कई विवाहित पुरुषो से संबंध रहे। जैसे निर्देशक महेश भट्ट, अभिनेता कबीर बेदी और डैनी डेनजोगपा। उनके और अमिताभ बच्चन के बीच भी चक्कर चलने की अफवाहें थी। उन्होंने बाद मे अमिताभ पर यह आरोप भी लगाया कि उन्होंने उन्हे मारने की कोशिश की है, हालाकि इसके कुछ साल बाद पता चला कि यह उनका वहम था। महेश भट्ट ने बाद में बॉबी और उनके बीच के रिश्ते पर आधारित एक आत्मकथात्मक फिल्म अर्थ (1982) बनाई, जिसके लेखक और निर्देशक वे स्वयं थे। उन्होंने उनके और परवीन बॉबी के बीच के रिश्ते के तथ्यो पर आधारित एक अन्य फिल्म, लम्हे (2006) बनाई, जिसके लेखक और निर्देशक भी वे ही थे।

प्रमुख फिल्में

वर्षफ़िल्मचरित्रटिप्पणी
1988आकर्षणविशेष भूमिका
1986अविनाश
1986बॉन्ड ३०३
1985सितमगरशीला
1985अमीर आदमी गरीब आदमी
1985कर्मयुद्ध
1984बद और बदनाम
1983रंग बिरंगी
1983चोर पुलिससीमा
1983अर्पणसोना
1983रज़िया सुल्तान
1983जानी दोस्त
1983फ़िल्म ही फ़िल्मविशेष भूमिका
1983महान
1982ताकत
1982नमक हलालनिशा
1982दिल आखिर दिल हैसपना
1982ये नज़दीकियाँकिरन
1982अशान्तिसुनीता
1982देश प्रेमी
1982खुद्दारमैरी
1981रक्षा
1981आहिस्ता आहिस्ता
1981कालिया
1981मेरी आवाज़ सुनोरीटा
1981खून और पानी
1981क्रांति
1980एक गुनाह और सही
1980द बर्निंग ट्रेन
1980शानसुनीता
1980दो और दो पाँचअंजू शर्मा
1980अब्दुल्ला
1979सुहागअनु
1979काला पत्थर
1978पति पत्नी और वोनीता
1978आहूतिरेखा
1977दरिन्दा
1977मस्तान दादा
1977चाँदी सोनारीटा
1977चोर सिपाहीभारती खन्ना
1977अमर अकबर एन्थोनीजैनी
1976बुलेटसपना
1976रंगीला रतन
1976भँवररूपा डिसूज़ा
1975काला सोनादुर्गा
1975दीवारअनीता
1974३६ घंटेनैना राय
1974त्रिमूर्तिसुनीला
1974मज़बूर
1974चरित्रहीन
1974धूए कि लखीर (1974)

फ़िल्मी भूमिकाएँ

परवीन का मॉडलिन्ग कैरियर 1972 मे शुरू हुआ और जल्द ही उन्हें क्रिकेटर सलीम दुरानी के साथ चरित्र (1973) नामक एक फिल्म करने का मौका भी मिला। हालांकि यह फिल्म एक फ़्लॉप थी, परवीन को इसके बाद कई फिल्मे करने के प्रस्ताव मिले। उनकी पहली बडी हिट अमिताभ बच्चन के सामने मजबूर (1974) था। जीनत अमान के साथ साथ, परवीन बॉबी भारतीय फिल्म नायिका की छवि को बदलने में मदद की। वह जुलाई 1976, उस समय के किसी मैगज़ीन के पहले पन्ने पर प्रदर्शित करने वाली पहली बॉलीवुड स्टार थीं। अपने कैरियर के दौरान, वह एक गंभीर अभिनेत्री की तुलना में एक ग्लैमरस हीरोइन के रूप में अधिक प्रसिद्ध थीं। वह एक फैशन आइकन के रूप में भी जानी जाती थी। मशहूर डिजाइनर मनीष मल्होत्रा कहते हैं,"परवीन बॉबी फैशन में आधुनिकता लाईं। वह एक बार भी चूकती, हमेशा खूबसूरत रहती थी।"
परवीन, हेमा मालिनी, रेखा, जीनत अमान, जया बच्चन, रीना रॉय और राखी के साथ साथ, उस युग के सबसे सफल अभिनेत्रियों में से एक मानी जाती थी। अमिताभ बच्चन के साथ आठ फिल्मों में अभिनय किया, जो हिट या सुपर हिट हुए। वह शशि कपूर के साथ सुहाग (1979), काला पत्थर (1979) और नमक हलाल (1982) में अभिनय किया था। धर्मेंद्र के साथ जानी दोस्त (1983) और फिरोज खान के साथ काला सोना (1975) मे भी अभिनय कर चुकी थी। अपने कैरियर के अंत में वह मार्क जुबेर के साथ "दूसरी औरत" की भूमिका निभाई, विनोद पांडे के साथ नजदीकीया (1982) जैसी लीग से हटकर फिल्मों में दिखाई गई थी।
अक्सर समकालीन जीनत अमान के साथ उनके सेक्स प्रतीकों के साथ तुलना की जाती थी। वह जीनत और शबाना आजमी द्वारा निभाई तीसरे भूमिका के साथ अशांति (1982), जो अमेरिकी टेलीविजन शो चार्ली एन्जिल्स से प्रेरित एक फिल्म भी कर चुकी हैं। दीवार (1975), शान (1980) और नमक हलाल (1982) जैसी फिल्मों में उनकी स्क्रीन उपस्थिति कम से कम हो गई, लेकिन बॉबी द्वारा भूमिकाओं और गानों में एक निश्चित आकर्षण लाई गई थी। बड़ी हिट फिल्म क्रांति (1981) में वह हेमा मालिनी (जो फिल्म की मुख्य नायिका थी), से अपनी सहायक की भूमिका में होते हुए भी हीरोइन से बढ़कर नाम कमा चुकी हैं।

मृत्यु

परवीन बॉबी के दरवाजे पर तीन दिन के दूध व अखबार पड़े देख उनकी आवासीय सोसायटी के सचिव ने पुलिस को सूचित किया। जिसके बाद पुलिस द्वारा 22 जनवरी 2005 को मुंबई के अपने अपार्टमेंट में उनके मृत पाने की सूचना पूरे भारत को मिली थी।
परवीन ने जीवन के अंतिम काल में ईसाई धर्म अपना लिया था, यह बात उन्होंने एक साक्षात्कार में कही थी. उन्होंने यह इच्छा भी व्यक्त की थी कि उन्हें ईसाई धर्मानुसार दफनाया जाय. लेकिन उनकी मृत्य के बाद उनके मुस्लिम रिश्तेदारों ने उनके शव को अपने कब्जे में ले लिया और उनकी माता की कब्र के पास ही उन्हें मुस्लिम रीती-रिवाज से शांताक्रुज में दफनाया.

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