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रविवार, 1 अप्रैल 2018

कैलाश वाजपेयी

कैलाश वाजपेयी (अंग्रेज़ीKailash Vajpeyi, जन्म: 11 नवंबर1936 - मृत्यु: 1 अप्रॅल2015हिन्दी के सुप्रसिद्ध साहित्यकार थे। उन्हें साहित्य अकादमी सहित कई सम्‍मानों से नवाजा जा चुका है। कैलाश वाजपेयी दैनिक समाचार पत्र अमर उजाला के लिए कॉलम भी लिखते थे। वह ‘दार्शनिक मिजाज’ के कवि थे, जिन पर भारतीय अद्वैतवाद और बौद्धदर्शन का गहरा प्रभाव लक्षित किया जा सकता है। उन्होंने कविता के शिल्प में भी परिवर्तन किया था। उनकी कविताओं के अनुवाद कई भाषाओं में हुए हैं। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी कविताएं प्रस्तुत की थीं।

जीवन परिचय

डॉ. कैलाश वाजपेयी का जन्म 11 नवंबर 1936 में उत्तर प्रदेश के हमीरपुर में हुआ था। उन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय से वाचस्पति की उपाधि हासिल की और कई पत्र-पत्रिकाओं से जुड़े रहे। दिल्ली विश्वविद्यालय के शिवाजी कॉलेज में भी उन्होंने अध्यापन किया और 2004 में सेवानिवृत्त हुए। काव्य संग्रह 'हवा में हस्ताक्षर' पर उन्हें 2009 में साहित्य अकादमी पुरस्कार दिया गया था। वर्ष 2008 से 2013 तक साहित्य अकादमी की सामान्य परिषद के सदस्य भी रहे। उनकी प्रसिद्ध कृतियां संक्रांत, तीसरा अंधेरा, महास्वप्न का समंदर, सूफीनामा, पृथ्वी का कृष्णपक्ष हैं। भारतीय संस्कृति के मर्मज्ञ और कवि के रूप में उनकी ख्य‌ाति अधिक थी। दिल्ली दूरदर्शन के लिए उन्होंने कबीरहरिदास स्वामीसूरदासजे. कृष्णमूर्तिरामकृष्ण परमहंस और बुद्ध के जीवन-दर्शन पर फ़िल्में बनाईं। वह‌ दूरदर्शन की हिंदी सलाहकार समिति के सदस्य भी रहे। उन्होंने 1960 में टाइम्स ऑफ इण्डिया प्रकाशन संस्थान द्वारा मुम्बई में नौकरी भी की।

प्रकाशित कृतियाँ

कविता संग्रह
  • संक्रान्त (1964)
  • देहांत से हटकर (1968)
  • तीसरा अँधेरा (1972)
  • महास्वप्न का मध्यान्तर (1980)
  • प्रतिनिधि कविताएँ (1988)
  • सूफ़ीनामा (1992)
  • सूफ़ीनामा (द्वितीय संस्करण- 1998)
  • भविष्य घट रहा है (1999)
  • हवा में हस्ताक्षर (2005)
  • शब्द संसार (2006)
  • अनहट (2007)
  • मॉस्को में दिल्ली के दिन (कविता संकलन रूसी भाषा में)
संपादित-अनूदित संकलन (भारतीय कविता)
  • इंडियन पोयट्री टुडे (1976)
  • विजन्स एंड मिथ्स (1979)।
संपादित कविता-संकलन
  • मोती सूखे समुद्र का (1988)
दर्शन
  • द साइंस ऑफ़ मंत्राज़ (1981, अंग्रेज़ी और स्पेनिश भाषाओं में)
  • एस्ट्रा-कॉम्बिनेशंस (1987, अंग्रेज़ी में)
शोधप्रबन्ध
  • आधुनिक हिन्दी-कविता में शिल्प (1963)
निबंध संग्रह
  • समाज दर्शन और आदमी (1995)
  • आधुनिकता उत्तरोत्तर (1996)
  • एन एंथालिजि ऑफ़ माडर्न हिंदी पोएट्री (1996)
नाटक
  • युवा संन्यासी, विवेकानन्द – 1991 सार : आख्यायिकाएँ (1994)
प्रबंध काव्य
  • पृथ्वी का कृष्णपक्ष (1995)

सम्मान और पुरस्कार

  • 1995 में हिंदी अकादमी सम्‍मान
  • 2000 में एसएस मिलेनियम अवॉर्ड
  • 2002 में व्यास सम्मान
  • 2005 में ह्यूमन केयर ट्रस्ट अवॉर्ड
  • 2009 में 'हवा में हस्ताक्षर' के लिए स‌ाहित्य अकादमी पुरस्कार

निधन

हिन्दी के वयोवृद्ध साहित्यकार डॉ. कैलाश वाजपेयी का बुधवार 1 अप्रॅल2015 को एक निजी अस्पताल में हृदयाघात से निधन हो गया। वह 79 वर्ष के थे। उनके परिवार में पत्नी डॉ. रूपा वाजपेयी और पुत्री अनन्या वाजपेयी हैं। डॉ. कैलाश वाजपेयी के निधन पर साहित्य अकादमी के अध्यक्ष विश्वनाथ प्रसाद तिवारी सहित साहित्य जगत् की तमाम मशहूर हस्तियों ने शोक व्यक्त किया है। साहित्य अकादमी के अध्यक्ष विश्वनाथ प्रसाद तिवारी ने कहा कि हिंदी के वरिष्ठ और प्रतिष्ठित कवि कैलाश वाजपेयी के निधन से हिंदी कविता को गंभीर क्षति हुई है।

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