SEARCH SOME THING...

मंगलवार, 13 मार्च 2018

रास्ते / आत्मा राम रंजन

डिगे भी हैं 
लड़खड़ाई भी
चोटें भी खाई कितनी ही 

पगड़ंडियां गवाह हैं 
कुदालियों, गैंतियों या 
डाईनामाईट ने नहीं 
कदमों ने ही बनाए हैं रास्ते।

कोई टिप्पणी नहीं:

YOU CAN COMMENT/SEND/CONTACT US HERE

नाम

ईमेल *

संदेश *