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शुक्रवार, 20 अक्तूबर 2017

क्रिकेटर वीरेंदर सहवाग की जीवनी | Virender Sehwag Biography In Hindi





क्रिकेटर वीरेंदर सहवाग की जीवनी | Virender Sehwag Biography In Hindi








 वह सिर्फ मैदान पर खड़े रहकर ही अपनी बल्लेबाजी से मैच की दशा और दिशा दोनों को बदल सकता है”, ऐसा इयान चैपल ने वीरेंदर सहवाग – Virender Sehwag के बारे में कहा था। सहवाग एक बेहिचक, डैशिंग, निडर और मैच विजेता बल्लेबाज है। नजफगढ़ के नवाब वीरेंदर सहवाग भारतीय क्रिकेट टीम के सबसे प्रसिद्ध और सबसे सफल बल्लेबाज है।

क्रिकेटर वीरेंदर सहवाग की जीवनी – Virender Sehwag Biography In Hindi

वीरेंदर सहवाग भूतपूर्व भारतीय क्रिकेटर है, जिन्हें विश्व क्रिकेट का सबसे विस्फोटक बल्लेबाज माना जाता है। वे दाहिने हाथ के विस्फोटक बल्लेबाज और राईट आर्म ऑफ स्पिन गेंदवाज है। 1999 में उन्होंने अपना पहला अंतर्राष्ट्रीय एकदिवसीय मैच खेला और 2001 में वे टेस्ट क्रिकेट में शामिल हो गये। अप्रैल 2009 में उन्हें विस्डन लीडिंग क्रिकेटर इन दी वर्ल्ड से सम्मानित किया गया और इस अवार्ड से सम्मानित किये जाने वाले वे एकमात्र बल्लेबाज थे। और 2009 में इस अवार्ड को सुरक्षित रखने वाले वे एकमात्र क्रिकेट खिलाडी बने।
सहवाग ने विश्व क्रिकेट में कयी रिकार्ड्स अपने नाम किये है जिनमे किसी भी भारतीय क्रिकेटर द्वारा टेस्ट क्रिकेट में सर्वाधिक रन (319) का रिकॉर्ड भी शामिल है, साथ ही यह अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट इतिहास में अब तक का सबसे तेज़ तिहरा शतक है (300 रन सिर्फ 278 गेंदों में) और साथ ही सबसे तेज़ 250 रनों का रिकॉर्ड भी उन्ही के नाम है (207 गेंदों में श्रीलंका के खिलाफ 3 दिसम्बर 2009 को मुंबई के ब्राबौर्ने स्टेडियम में बनाए थे)। उनकी दूसरी पारियों में 309 और 293 भी शामिल है, जो किसी भी भारतीय बल्लेबाज द्वारा दूसरा और तीसरा सर्वोच्च स्कोर है।
टेस्ट क्रिकेट में 2 बार 300 के आकडे को छूने वाले विश्व के मात्रा चार खिलाडियों में से वे एक है। और साथ ही टेस्ट में दो तिहरे शतक और एक पारी में पाँच विकेट लेने वाले वे एकमात्र खिलाडी है।
मार्च 2009 में सहवाग ने भारतीय क्रिकेट टीम की तरफ से एकदिवसीय मैच में 60 गेंदों में ही शतक बनाया था, जो किसी भी भारतीय बल्लेबाज द्वारा अबतक का सबसे तेज़ शतक है। 8 दिसम्बर 2011 को उन्होंने वेस्ट इंडीज के खिलाफ एकदिवसीय क्रिकेट में अपना पहला दोहरा शतक लगाया था, और एकदिवसीय मैच में दोहरा शतक मारने वाले बल्लेबाजो में वे सचिन के बाद दुसरे बल्लेबाज बने।
149 गेंदों में उनके द्वारा बनाए गये 219 रन, एकदिवसीय क्रिकेट में किसी भी बल्लेबाज द्वारा बनाया गया सर्वोच्च स्कोर बना और बाद में 13 नवम्बर 2014 को रोहित शर्मा ने 173 गेंदों में 264 रन बनाकर उनका रिकॉर्ड तोडा। अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में एकदिवसीय मैच में दोहरा शतक और टेस्ट में तिहरा शतक मारने वाले मात्र दो बल्लेबाजो में से वे एक है, उनके साथ इस रिकॉर्ड में दुसरे बल्लेबाज क्रिस गेल है।
अक्टूबर 2005 में राहुल द्रविड़ की कप्तानी में सहवाग की नियुक्ती भारतीय टीम के उपकप्तान के रूप में की गयी थी। उपकप्तान बने रहते हुए, उन्होंने राहुल द्रविड़ के जख्मी होने के बाद 2 एकदिवसीय और एक टेस्ट मैच में भारतीय टीम की कप्तानी भी की थी।
2008 में घरेलु मैदान में वापिस आने के बाद, जब अनिल कुंबले ने रिटायरमेंट ले लिया तब सहवाग की नियुक्ती टेस्ट और एकदिवसीय दोनों श्रेणियों में उपकप्तान के रूप में की गयी थी। 2009 के शुरू में ही, उन्होंने खुद को एकदिवसीय मैच का सबसे बेहतरीन और विस्फोटक बल्लेबाज साबित किया था।
वीरेंदर सहवाग आईपीएल की टीम किंग्स XI पंजाब की टीम के लिए भी खेल चुके है।

वीरेंदर सहवाग के प्रारंभिक वर्ष – Virender Sehwag early life

विश्व क्रिकेट के सबसे बेहतरीन बल्लेबाजो में से एक सहवाग का जन्म 20 अक्टूबर 1978 को अनाज व्यापारी के घर में नयी दिल्ली में हुआ था। उन्होंने अपना बचपन में संयुक्त परिवार में अपने भाई-बहन, अंकल, आंटी और 16 भाइयो के साथ बिताया। उनका परिवार हरियाणा से है और बाद में वे दिल्ली चले गये थे। अपने पिता कृष्णा और माँ कृष्णा सहवाग के चार बच्चो में सहवाग तीसरे है।
उनके पिता ने बचपन में ही सहवाग की क्रिकेट के प्रति रूचि को भाँप लिया था और सात महीनो के सहवाग को ही उन्होंने खिलौने वाली बैट लाकर दी थी। बाद में सहवाग पढने के लिए नयी दिल्ली के अरोरा विद्या स्कूल जाने लगे और सहवाग अपने माता-पिता को हमेशा क्रिकेट खेलने के लिए सताया करते थे। इसी आधार पर उन्होंने अपने क्रिकेट करियर के शुरुवाती दौर में अपनी पहचान एक आक्रामक बल्लेबाज के रूप में बनायी और उस समय उनके कोच अमर नाथ शर्मा थे।
1990 में क्रिकेट खेलते समय जब उनका दांत टुटा था तभी उनके पिता ने उनके करियर को खत्म करने का निर्णय ले लिया था लेकिन सहवाग ने अपनी माँ की सहायता से इस बंदी को टाल दिया। बाद में सहवाग ने जामिया मिलिया इस्लामिया से ग्रेजुएशन पूरा किया।
अप्रैल 2004 में सहवाग ने भारत के यूनियन लॉ मिनिस्टर अरुण जेटली की मेजबानी में भारी सुरक्षा में आरती अहलावत से शादी कर ली।
2011 में सहवाग ने हरियाणा के झज्जर में सहवाग इंटरनेशनल स्कूल की शुरुवात की, जो दिल्ली के पश्चिम से 65 किलोमीटर दूर है। इस स्कूल का उद्घाटन उनकी माँ और उनके पीता ने किया था, और उनके माता की ही दिली इच्छा थीकी उनका एक इंस्टिट्यूट हो जिसमे बच्चे पढ़े, लिखे और खेले। उनके दुसरे तिहरे शतक के बाद, हरियाणा सरकार ने सहवाग को 23 एकर जमीन देकर एक अकैडमी बनाने का ऑफर भी दिया, जहाँ उन्होंने अकैडमी की जगह स्कूल खोलने की प्रार्थना की थी, ताकि वे अपने पिता के ख्वाब को सच्चाई में परिवर्तित कर सके।
वीरेंदर सहवाग अवार्ड – Virender Sehwag awards
• अर्जुन अवार्ड (2002)
• विस्डन लीडिंग क्रिकेटर इन द वर्ल्ड 2008, 2009
• ICC टेस्ट प्लेयर ऑफ़ द इयर 2010
• पद्म श्री 2010


वीरेन्द्र सहवाग

वीरेन्द्र सहवाग (अंग्रेजी: Virender Sehwag, जन्म: 20 अक्टूबर 1978, हरियाणा) एक भारतीय क्रिकेट खिलाड़ी हैं। प्यार से उन्हें सभी "वीरू" ही कहते हैं। वैसे उन्हें "नज़फ़गढ़ के नवाब" व "आधुनिक क्रिकेट के ज़ेन मास्टर" के रूप में भी जाना जाता है। वे दायें हाथ के आक्रामक सलामी बल्लेबाज तो हैं ही किन्तु आवश्यकता के समय दायें हाथ से ऑफ स्पिन गेंदबाज़ी भी कर लेते हैं। उन्होंने भारत की ओर से पहला एकदिवसीय मैच 1999 में व पहला टेस्ट मैच 2001 में खेला था। अप्रैल 2009 में सहवाग एकमात्र ऐसे भारतीय बने जिन्हें "विजडन लीडिंग क्रिकेटर ऑफ द ईयर" के खिताब से नवाज़ा गया। उन्होंने अगले वर्ष भी इस ख़िताब को फिर जीता।

    व्यक्तिगत जीवन

    सहवाग का जन्म 20 अक्टूबर 1978 को हरियाणा के एक जाट परिवार में हुआ। सहवाग अपने माता-पिता के चार बच्चों में तीसरे संतान हैं। सहवाग से बड़ी दो बहनें मंजू और अंजू हैं जबकि उनसे छोटा एक भाई है विनोद। सहवाग के पिता किशन सहवाग बताते हैं कि वीरू में क्रिकेट के लिये प्यार सात माह की उम्र से ही जाग गया था जब उन्होंने पहली बार उसे खिलौना बैट लाकर दिया। यही वीरू बारह साल की उम्र में क्रिकेट के दौरान जब अपना दाँत तुड़वाकर घर पहुँचा तो पिता ने उसके क्रिकेट खेलने पर प्रतिबन्ध लगा दिया। बाद में वीरू की माँ कृष्णा सहवाग के हस्तक्षेप के बाद ही यह प्रतिबन्ध हटा। उसके बाद तो क्रिकेट उनकी जिन्दगी का जैसे पहला प्यार ही बनकर रह गया। वैसे यह अलग बात है कि 2004 में उन्होंने आरती नाम की एक कन्या से शादी रचा ली और उससे उनके दो पुत्र भी हैं। वे अपने परिवार के साथ दिल्ली के नज़फगढ इलाके में रहते हैं।[2]

    खिलाड़ी जीवन

    "वीरेन्द्र सहवाग भारत का ऐसा बल्लेबाज़ जिससे दुनिया का हर गेंदबाज खौफ खाता है" यह मानना है इमरान ख़ान से लेकर रिचर्ड हेडली और बॉब विलिस के दिल में खौफ पैदा करने वाले विवियन रिचर्डस का।[3] अभी हाल ही में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ युसूफ पठान ने यादगार तूफानी पारी खेलने के बाद पत्रकारों से कहा था "वीरेंद्र सहवाग के बेखौफ अंदाज ने उन्हें इस कदर खेलने के लिए प्रेरित किया।" सहवाग भारतीय टीम को बहुत तेज शुरुआत देते हैं और गेंदबाजों पर शुरू से ही हावी हो जाते हैं। सहवाग अगर अपने फॉर्म में हों तो किसी भी आक्रमण को ध्वस्त करने की क्षमता रखते हैं। सहवाग जब तक क्रीज पर रहते हैं तब तक विरोधियों के माथे पर उनकी क्रीज पर मौजूदगी का खौफ साफ-साफ देखा जा सकता है।[4]
    "नज़फगढ़ के नवाब", "मुल्तान के सुल्तान" और "जेन मास्टर ऑफ़ माडर्न क्रिकेट" जैसे अनेक उपनामों से नवाज़े जाने जाने वाले वीरेंद्र सहवाग ने अपना पहला अन्तरराष्ट्रीय मैच 1999 में पाकिस्तान के खिलाफ खेला था। इस मैच में सहवाग एक रन बनाकर चलते बने और गेंदबाजी के दौरान तीन ओवरों में 35 रन दे डाले। इसके बाद सहवाग को काफी समय तक टीम में शामिल नहीं किया गया। दिसम्बर 2000 में जिम्बाब्वे के खिलाफ घरेलू सीरीज में सहवाग को फिर से टीम में शामिल किया गया। अगस्त 2001 में श्रीलंका और न्यूजीलैंड के खिलाफ ट्राई सीरीज में सहवाग ने पारी की शुरुआत करते हुए कैरियर का पहला अर्धशतक जमाया। इसी सीरीज में न्यूजीलैंड के खिलाफ 69 गेंदों पर शतक ठोककर सहवाग ने अपने हुनर का नमूना पेश किया।
    टेस्ट क्रिकेट में भारत की ओर से तिहरा शतक जड़ने के रिकार्डधारी सहवाग ने अब तक 228 एकदिवसीय मैच में 13 शतक और 36 अर्धशतकों की मदद से 7380 रन बनाए हैं। उनका एकदिवसीय बैटिंग औसत 34.65 का है। एकदिवसीय मैचों में उनका सर्वाधिक स्कोर 219 रन है। दिलचस्प तथ्य यह है कि सहवाग की आक्रामक खेल शैली वनडे क्रिकेट के अनुकूल है लेकिन वह टेस्ट मैचों में अधिक सफल रहे हैं जिसमें उन्होंने 72 टेस्ट मैचों में 52.50 के औसत से 17 शतक और 19 अर्धशतकों समेत 6248 रन बनाये हैं।

    कीर्तिमान

    मार्च 2010 में उन्होंने हैमिल्टन में न्यूजीलैंड के खिलाफ सिर्फ 60 गेंदों पर शतक बनाया था। टेस्ट क्रिकेट में पहले विकेट के लिये सबसे बड़ी साझेदारी का रिकार्ड भी सहवाग के ही नाम है। राहुल द्रविड़ के साथ 410 रन की साझेदारी बना करके वीरू ने कीर्तिमान बनाया था। एकदिवसीय क्रिकेट मैच में उनका सर्वाधिक स्कोर 219 रन है। जो एक विश्व रिकॉर्ड था। जिसे बाद में रोहित शर्मा ने 264 रन बना कर तोड़ा।[5] सहवाग पहले भारतीय खिलाड़ी हैं जिन्होंने टेस्ट मैच में तिहरा शतक जड़ा है। सर डोनाल्ड ब्रेडमैन और ब्रायन लारा के बाद सहवाग दुनिया के तीसरे ऐसे बल्लेबाज हैं जिन्होंने टेस्ट क्रिकेट में दो बार तिहरा शतक बनाने का कीर्तिमान स्थापित किया है। अन्तर्राष्ट्रीय क्रिकेट में किसी बल्लेबाज द्वारा यह सबसे तेज गति से बनाया तिहरा शतक (319 रन) भी है। तीन सौ उन्निस रन बनाने के लिये उन्होंने सिर्फ़ 278 गेंद ही खेलीं। तीस से ज्यादा औसत के साथ सहवाग का स्ट्राइक रेट दुनिया में सबसे ज्यादा है। इसके अलावा वह दुनिया के एकमात्र ऐसे क्रिकेट खिलाड़ी हैं जिन्होंने टेस्ट मैचों में दो तिहरे शतक बनाने के साथ एक पारी में पाँच विकेट भी हासिल किये।

    पुरस्कार

    इन्हें भारत सरकार ने 2002 में अर्जुन पुरस्कार देकर सम्मानित किया। इसके अतिरिक्त उन्हें 2008 में अपने शानदार प्रदर्शन के लिये "विजडन लीडिंग क्रिकेटर इन द वर्ल्ड" के सम्मान से नवाजा गया। सहवाग ने इस पुरस्कार को 2009 में दुबारा अपने नाम किया। 2011 में उन्हें सर्वश्रेष्ठ क्रिकेटर के नाते "ईएसपीएन क्रिकीन्फो अवार्ड" भी दिया गया।[6]
     

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