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शुक्रवार, 21 जुलाई 2017

अक्षरों का महत्व क्लास -६

अक्षरों का महत्व क्लास -६ 


1. पाठ में ऐसा क्यों कहा गया है कि अक्षरों के साथ एक नए युग की शुरुआत हुई?
उत्तर:- 
अक्षरों के साथ एक नए युग की शुरुआत हुई क्योंकि आदमी अक्षरों की खोज से हम इतिहास को जान पाए। अक्षरों की खोज के बाद ही मनुष्य अपने विचारों को लिखकर रखने लगा। इस प्रकार, पीढ़ी के ज्ञान का इस्तेमाल दूसरी पीढ़ी करने लगी। अक्षरों की खोज मनुष्य को प्रगति के पथ पर ले गई।

2. अक्षरों की खोज का सिलसिला कब और कैसे शुरू हुआ? पाठ पढ़कर उत्तर लिखो।
उत्तर:- 
प्रागैतिहासिक मानव ने सबसे पहले चित्रों के जरिए अपने भाव को व्यक्त किया। जैसे, पशुओं, पक्षियों, आदमियों आदि के चित्र। इन चित्र-संकेतों के बाद मं, भाव-संकेत अस्तित्व में आए। जैसे, एक छोटे वृत्त के चहुँ किरणों की द्योतक रेखाएँ खींचने पर वह ‘सूर्य’ का चित्र बन जाता था। बाद में यही चित्र ‘ताप’ या ‘धूप’ का द्योतक बन गया। इस तरह भाव-संकेत अस्तित्व में आए। तब जाकर काफी बाद में आदमी ने अक्षरों की खोज की।

3. अक्षरों के ज्ञान से पूर्व मनुष्य अपनी बात को दूर-दराज़ के इलाकों तक पहुँचाने के लिए किन-किन माध्यमों का सहारा लेता था?
उत्तर:- 
अक्षरों के ज्ञान से पूर्व मनुष्य अपनी बात को दूर-दराज़ के इलाकों तक पहुँचाने के लिए पशुओं, पक्षियों, आदमियों आदि के चित्र बनाकर भाव संकेत का सहारा लेता था।

4. अक्षरों के महत्व की तरह ध्वनि के महत्त्व के बारे में जितना जानते हो उसे लिखो।
उत्तर:- 
भाषा की सबसे छोटी इकाई ध्वनि है। ध्वनियों की संगठित इकाई से अक्षर बनते हैं। अक्षरों द्वारा लिखकर अपने भाव व्यक्त किए जाते हैं और ध्वनियों द्वारा बोलकर। अक्षरों के बिना लिखा नहीं जा सकता और ध्वनियों के बिना बोलने की कल्पना नहीं की जा सकती है। अपनी भाषा की सार्थक ध्वनियों के उच्चारण द्वारा ही हम अपना भाव व्यक्त करते हैं। इसलिए अक्षर के समान ध्वनि भी महत्त्वपूर्ण है।

5. पुराने ज़माने में लोग यह क्यों सोचते थे कि अक्षर और भाषा की खोज ईश्वर ने की थी? अनुमान लगाओ और बताओ।
उत्तर:- 
पुराने जमाने में लोग यह सोचते थे कि अक्षर और भाषा की खोज ईश्वर ने की थी क्योंकि उनके पास उसका इतिहास नहीं था।

6. कल्पना करो कि यदि हमें अक्षरों का ज्ञान न होता तो क्या होता? लिखो।
उत्तर:- 
यदि हमें अक्षरों का ज्ञान न होता तो –
• हम हमारे इतिहास को न जान पाते।
• हम पुरानी पीढ़ी के ज्ञान से कुछ सीख नहीं पाते।
• हमारा विकास तेज़ी से न होता।

• भाषा की बात
7. अनादि काल में रेखांकित शब्द का अर्थ है जिसकी कोई शुरुआत या न हो। नीचे दिए गए शब्द भी मूल शब्द के शुरू में कुछ जोड़ने से बने इसे उपसर्ग कहते हैं। इन उपसर्गों को अलग करके लिखो और मूल शब्दों को लिखकर उनका अर्थ समझो –
असफल
अदृश्य
अनुचित
अनावश्यक
अपरिचित
अनिच्छा
(क) अब बताओ कि ये उपसर्ग जिन शब्दों के साथ जुड़ रहे हैं क्या उनमें कोई अंतर है?
उत्तर:- 
(क)
असफलसफल
अदृश्यदृश्य
अनुचितउचित
अनावश्यकआवश्यक
अपरिचितपरिचित
अनिच्छाइच्छा
(ख) उपर्युक्त शब्दों से वाक्य बनाओ और समझो कि ये संज्ञा हैं या विशेषण। वैसे तो संख्याएँ संज्ञा होती हैं पर कभी-कभी ये विशेषण का काम करती हैं, जैसे नीचे लिखे वाक्य में –
हमारी धरती लगभग पाँच अरब साल पुरानी है।
कोई दस हज़ार साल पहले आदमी ने गाँवों को बसाना शुरू किया।
इन वाक्यों में रेखांकित अंश ‘साल संज्ञा के बारे में विशेष जानकारी दे रहे हैं, इसलिए संख्यावाचक विशेषण हैं। संख्यावाचक विशेषण का इस्तेमाल उन्हीं चीज़ों के लिए होता है जिन्हें गिना जा सके। जैसे, चार संतरे, पाँच बच्चे, तीन शहर आदि। पर यदि किसी चीज़ को गिना नहीं जा सकता तो उसके साथ संख्या वाले शब्दों के अलावा माप-तौल आदि के शब्दों का इस्तेमाल भी किया जाता है –
• तीन जग पानी
• एक किलो ज़ीरा
यहाँ रेखांकित हिस्से परिमाणवाचक विशेषण हैं क्योंकि इनका संबंध माप-तौल से है। अब नीचे लिखे हुए को पढ़ो। खाली स्थानों में बॉक्स में दिए गए माप-तौल के उचित शब्द छाँटकर लिखो।
प्याला कटोरी एकड़ मीटर
लीटर किलो ट्रक चम्मच
1. तीन……………… खीर
2. दो………………….. ज़मीन
3. छह……………….कपड़ा
4. एक………………… रेत
5. दो……………….. कॉफ़ी
6. पाँच………….. बाजरा
7. एक……………. दूध
8. तीन………………. तेल
उत्तर:- 
(ख)
1. तीन कटोरी खीर
2. दो एकड़ जमीन
3. छह मीटर कपडा
4. एक ट्रक रेत
5. दो प्याला कॉफ़ी
6. पाँच किलो बाजरा
7. एक लीटर दूध

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