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शुक्रवार, 21 जुलाई 2017

कक्षा-६ हिंदी पाठ-17 साँस साँस में बांस

पाठ-17 साँस साँस में बांस

1. बाँस को बूढ़ा कब कहा जा सकता है? बूढ़े बाँस में कौन सी विशेषता होती है जो युवा बाँस में नहीं पाई जाती?
उत्तर:- 
तीन वर्ष से अधिक उम्र वाले बाँस को बूढ़ा बाँस कहा जाता है। बूढ़ा बाँस बड़ा ही सख्त होता है और जल्दी टूट जाता है उसके विपरीत युवा बाँस मुलायम होता है और उसे किसी भी आकार में मोड़ा जा सकता है।

2. बाँस से बनाई जाने वाली चीज़ों में सबसे आश्चर्यजनक चीज़ तुम्हें कौन सी लगी और क्यों?
उत्तर:- 
बाँस से बनाई जाने वाली चीज़ों में सबसे आश्चर्यजनक चीज़ मुझे मछली पकड़ने वाला जाल (जकाई) लगी। असम में जकाई नामक विशेष जाल से मछली पकड़ी जाती है और इसे बॉस से बनाया जाता है। इसकी शंकू जैसी विशेष बनावट के कारण ये आश्चर्यजनक लगता है।

3. बाँस की बुनाई मानव के इतिहास में कब आरंभ हुई होगी?
उत्तर:- 
कहा जाता है कि इंसान ने जब हाथ से कलात्मक चीज़ें बनानी शुरू कीं, बाँस की चीज़ें तभी से बन रही हैं। जरूरत के अनुसार इसमें बदलाव हुए हैं और अब भी हो रहे हैं। कहते हैं कि बाँस की बुनाई का रिश्ता उस दौर से है, जब इंसान भोजन इकठ्ठा करता था। शायद भोजन इकठ्ठा करने के लिए ही उसने ऐसी डलियानुमा चीज़ें बनाई होंगी। क्या पता बया जैसी किसी चिडि़या के घोंसले से टोकरी के आकार और बुनावट की तरकीब हाथ लगी हो!

4. बाँस के विभिन्न उपयोगों से संबंधित जानकारी देश के किस भू-भाग के संदर्भ में दी गई है? एटलस में देखो।
उत्तर:- 
बाँस भारत के उत्तर-पूर्वी क्षेत्र के सात राज्यों अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैण्ड, मणिपुर, मिजोरम, व त्रिपुरा में बहुत पैदा होता है।

5. बॉस के कई उपयोग इस पाठ में बताए गए हैं। लेकिन उसके उपयोग का दायरा बहुत बड़ा है। नीचे दिए शब्दों की मदद से तुम इस दायरे को पहचान सकते हो –
संगीत, मच्छर, फर्नीचर, प्रकाशन, एक नया संदर्भ
उत्तर:- 
संगीत – बाँसुरी
मच्छर – बाँस की पत्तियाँ
फर्नीचर – घर का सजावटी सामान
प्रकाशन – कागज बनाना
एक नया संदर्भ – अचार, मकान, औज़ार आदि।

6. इस लेख में दैनिक उपयोग की चीज़ें बनाने के लिए बाँस का उल्लेख प्राकृतिक संसाधन के रूप में हुआ है। नीचे दिए गए प्राकृतिक संसाधन से दैनिक उपयोग की कौन-कौन सी चीज़ें बनाई जाती है –
चमड़ा, घास के तिनके, पेड़ की छाल, गोबर, मिट्टी।
उत्तर:-
प्राकृतिक संसाधनदैनिक उपयोग की वस्तुएँ
चमड़ाजूते, पर्स, वस्त्र, बैग, थैले, बेल्ट आदि।
घास के तिनकेजमीन पर बिछाने वाले आसन, टोकरियाँ, चटाईयाँ आदि।
पेड़ की छालअगरबत्ती, कागज आदि।
गोबरउपले, दवाइयाँ, खाद आदि।
मिट्टीबर्तन, मूर्तियाँ आदि।

• भाषा की बात
7. ‘बुनावट’ शब्द ‘बुन’ क्रिया में ‘आवट’ प्रत्यय जोड़ने से बनता है। इसी प्रकार नुकीला, दवाब, घिसाई भी मूल शब्द में विभिन्न प्रत्यय जोड़ने से बने हैं। इन चारों शब्दों में प्रत्ययों को पहचानो और उनसे तीन-तीन शब्द और बनाओ। इन शब्दों का वाक्य में भी प्रयोग करो –
बुनावट, नुकीला, दवाब, घिसाई।
उत्तर:-
शब्दमूल शब्दप्रत्ययवाक्य
बुनावटबुनआवट1. सजावट-सीता के घर की सजावट बढ़िया है।
2. घबराहट-गर्मी के कारण मुझे घबराहट हो रही है।
3. लिखावट-राम की लिखावट बड़ी सुंदर है।
नुकीलानोकईला1. सजीला-दूल्हा बड़ा सजीला लग रहा है।
2. चमकीला-इस साड़ी का रंग बड़ा चमकीला है।
3. रसीला-आम बड़ा ही रसीला है।
दवाबदबआव1. जमाव-यहाँ पर पानी का जमाव हो रहा है।
2. सुझाव-मुझे तुम्हारा सुझाव उत्तम लगा।
3. लगाव-माता-पिता को अपने बच्चों से लगाव होता ही है।
घिसाईघिसआई1. पढ़ाई-खेल के साथ हमें पढ़ाई में भी ध्यान देना चाहिए।
2. लड़ाई-तुम्हें इस तरह लड़ाई करना शोभा नहीं देता है।
3. सिलाई-दर्जी आजकल कपड़ों की ठीक से सिलाई नहीं कर रहा है।

8. नीचे पाठ से कुछ वाक्य दिए गएँ हैं –
(क) वहाँ बाँस की चीजें बनाने का चलन है।
(ख) हम यहाँ बॉस की एक-दो चीजों का ही जिक्र कर पाए हैं।
(ग) मसलन आसन जैसी छोटी चीजें बनाने के लिए बॉस को हरेक गठान से काटा जाता है।
(घ) खपच्चियों से तरह-तरह की टोपियाँ भी बनाई जाती हैं।
रेखांकित शब्दों को ध्यान में रखते हुए इन बातों को अलग ढंग से लिखो।
उत्तर:- 
(क) वहाँ बाँस की चीजें बनाने की परम्परा रही है।
(ख) हम यहाँ बाँस की एक-दो चीजों के बारे में ही बता पाए हैं।
(ग) उदहारण आसन जैसी छोटी चीज के लिए भी बाँस की प्रत्येक गाँठ से काटा जाता है।
(घ) खपच्चियों से विभिन्न प्रकार की टोपियाँ बनाई जाती हैं।

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