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रविवार, 30 जुलाई 2017

12 माखनलाल चतुर्वेदी

1. कोयल की कूक सुनकर कवि की क्या प्रतिक्रिया थी ?
उत्तर:- 
कोयल की कूक सुनकर कवि को ऐसा लगता है जैसे कोयल उसके लिए कोई संदेशा लेकर आई है, संदेशा शायद अति महत्वपूर्ण है इसलिए कोयल ने सुबह होने का भी इन्तजार नहीं किया।

2. कवि ने कोकिल के बोलने के किन कारणों की संभावना बताई ?
उत्तर:- 
कवि ने कोयल के बोलने की निम्न संभावनाएँ बताई हैं –
(1) कोकिला शायद कोई संदेशा पहुँचाना चाहती है।
(2) उसने दावानल की लपटें देख लीं है।
(3) समस्या गंभीर है इसलिए वह सुबह होने की प्रतीक्षा नहीं कर पाती है।
(4) क्रांतिकारीयों के मन में देश-प्रेम की भावना को और मजबूत करने आई है।

3. किस शासन की तुलना तम के प्रभाव से की गई है और क्यों ?
उत्तर:- 
अंग्रेजी शासन की तुलना कवि ने तम के प्रभाव से की है क्योंकि अँग्रेज शासन प्रणाली अन्यायपूर्ण थी। वे हमारे देशवासियों पर अनेक प्रकार के जुल्म ढा रहे थे।

4. कविता के आधार पर पराधीन भारत की जेलों में दी जाने वाली यंत्रणाओं का वर्णन कीजिए।
उत्तर:- 
कविता के आधार पर पराधीन भारत की जेलों में दी जाने वाली यंत्रणाए निम्न थी –
1. कैदियों से पशुओं की तरह काम करवाया जाता था।
2. अँधेरी कोठरियों में कैदियों को जंजीरों से बाँध कर रखा जाता था।
3. कोठरियाँ भी काफी छोटी होती थी।
4. खाने को भी कम दिया जाता था।
5. क्रांतिकारियों को चोर, लुटेरे और डाकूओं के साथ रखा जाता था।
6. जेल में अमानवीय यातनाएँ दी जाती थी।

5.1 भाव स्पष्ट कीजिए।
मृदुल वैभव की रखवाली-सी, कोकिल बोलो तो!
उत्तर:- 
मृदुल वैभव की रखवाली-सी से कवि का तात्पर्य कोयल की मीठी सुरीली तथा मोहक आवाज़ से है आज के इस कष्टमय संसार में कुछ मृदुलता और सरसता बची है तो वह कोयल की आवाज़ में ही बची है। परन्तु जब वह वेदनापूर्ण आवाज़ में चीखती है तो कवि उसकी इस वेदना का कारण जानना चाहता है।
5.2 हूँ मोट खींचता लगा पेट पर जुआ, खाली करता हूँ ब्रिटिश अकड़ का कुँआ।
उत्तर:- 
अँग्रेज सरकार देश के स्वाधीनता सैनानियों से पशुओं की तरह काम करवाती थी जिससे इन लोगों का स्वाभिमान और देश के प्रति देश प्रेम की भावना ख़त्म हो जाए। परन्तु सैनानी सारे अत्याचार को सहते हुए भी अपनी जिद्द पर अडिग है जिससे अँग्रेज सरकार की सारी अकड़ निकल जाती है।

6. अद्धरात्रि में कोयल की चीख से कवि को क्या अंदेशा होते है ?
उत्तर:- 
अद्धरात्रि में कोयल के चीखने से कवि को अनेकों अंदेशे होते है जैसे शायद कोयल पागल तो नहीं हो गयी है, या शायद वह किसी कष्ट में है या कोई सन्देश लेकर आईं हैं या यह भी हो सकता है कि वह क्रांतिकारियों के दुःख से द्रवित होकर चीख रही हो।

7. कवि को कोयल से ईर्ष्या क्यों हो रही है ?
उत्तर:- 
कवि की कोयल से ईर्ष्या का मुख्य कारण उसकी स्वच्छंदता से है। वह आकाश में स्वतंत्रता से उड़ान भर रही है और कवि जेल की काल कोठरी में बंद है। कोयल गाकर अपने आनंद को प्रकट कर सकती है पर कवि के लिए तो रोना भी एक बड़ा गुनाह है जिसके लिए उसे दंड भी मिल सकता है।

8. कवि के स्मृति-पटल पर कोयल के गीतों की कौन सी मधुर स्मृतियाँ अंकित हैं, जिन्हें वह अब नष्ट करने पर तुली है ?
उत्तर:- 
कोयल हरी-भरी डालियों पर बैठकर अपने मधुर स्वर से सारी सृष्टि को गुंजायमान करती थी, उसके मधुर गीतों में खुशियाँ झलकती थी, स्वतंत्रता पूर्वक आकाश में विचरण करती थी परन्तु अब इन विशेषताओं को वह नष्ट करने पर तुली है।

9. हथकड़ियों को गहना क्यों कहा गया है ?
उत्तर:- 
कवि के लिए लोहे की हथकड़ियाँ गहनों के समान है । कवि अँग्रेज सरकार द्वारा पहनाई गई उन बेड़ियों को बंधन नहीं समझता है क्योंकि उन्होंने ने किसी गलत कार्य के लिए ये बेड़ियाँ नहीं पहनी है अत: उनके लिए यह गौरव की बात है कवि ने हथकड़ियों को गहना इसी उद्देश्य से कहा है।

• प्रश्न -अभ्यास
10. ‘कलि तू …..ऐ आली!’ – इन पंक्तियों में ‘काली’ शब्द की आवृत्ति से उत्पन्न चमत्कार का विवेचन कीजिए।
उत्तर:- 
इन कविता की पंक्तियों में कवि ने नौ बार काली शब्द का प्रयोग किया है। शब्द तो एक ही है परन्तु भिन्न -भिन्न अर्थों में इसका प्रयोग किया गया है। कही पर यह शब्द अँग्रेज सरकार के काले शासन को संबोधित कर रहा है तो कहीं वातावरण की कालिमा और निराशा को उजागर कर रहा है।

11. काव्य – सौंदर्य स्पष्ट कीजिए –
तेरे गीत कहावें वाह, रोना भी है मुझे गुनाह!
देख विषमता तेरी – मेरी बजा रही तिस पर रणभेरी!
उत्तर:- 
भाव – सौंदर्य – यहाँ पर कवि और कोयल के जीवन का तुलनात्मक वर्णन हुआ है। कोयल के गीत जहाँ सब ओर से प्रशंसा पाता हैं वही कवि का रोना अर्थात् अपनी बात को व्यक्त करना भी गुनाह माना जाता है।
शिल्प – सौंदर्य -कवि ने यहाँ तुकबंदी का प्रयोग किया है। तेरी मेरी, वह गुनाह में स्वर मैत्री तथा अनुप्रास अलंकार है।

• रचना और अभिव्यक्ति
12. काव्य – सौंदर्य स्पष्ट कीजिए –
किस दानावल की ज्वालाएँ हैं दीखीं ?
उत्तर:- 
भाव सौंदर्य – कवि ने यहाँ पर प्रश्नात्मक शैली में कोयल की इस वेदनापूर्ण आवाज़ पर अपनी आशंका व्यक्त की है। कोयल ने ऐसा क्या देख लिया है जिसके कारण वह इतनी व्यथित है।
शिल्प – सौंदर्य – दावानल की ज्वालाएँ में रूपक अलंकार का प्रयोग हुआ है। भाषा तत्सम शब्द युक्त खड़ी बोली है। भाषा में सहजता और सरलता है।

13. कवि जेल के आसपास अन्य पक्षियों का चहकना भी सुनता होगा लेकिन उसने कोकिला की ही बात क्यों की है ?
उत्तर:- 
कवि ने कोयल के भिन्न स्वर के कारण यहाँ कोकिला की ही बात की है। कोयल वैसे भी रात को नहीं बोलती उसका इस प्रकार बोलना कवि को अन्दर तक छू लेता है। अत:रात को उसका इस प्रकार पुकारना किसी संकट का प्रतीक है।

14. आपके विचार से स्वतंत्रता सेनानियों और अपराधियों के साथ एक-सा व्यवहार क्यों किया जाता होगा ?
उत्तर:- 
ब्रिटिश सरकार स्वतंत्रता सैनानियों और अपराधियों में कोई अंतर नहीं समझती थी। सरकार के लिए दोनों ही दोषी थे। सरकार क्रांतिकारियों की आज़ादी की माँग को दबाना चाहती थी। स्वतंत्रता सैनानियों के मनोबल को तोड़ने के लिए तथा भारत पर अपनी सत्ता कायम रखने के लिए वे दोनों के साथ समान व्यवहार करती थी।

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